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जेसीआई चेतना का 11वां शपथ ग्रहण समारोह हुआ सम्पन्न

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  जौनपुर । जेसीआई  चेतना का 11वां अधिष्ठापन समारोह रविवार को रिवर व्यू होटल में सम्पन्न हुआ। नवनिर्वाचित अध्यक्ष जे एफ़ एम सरला महेश्वरी  को निवर्तमान अध्यक्ष ज्योति श्रीवास्तव द्वारा शपथ दिलाई गई इसके उपरांत अध्यक्ष  सरला माहेश्वरी  द्वारा  निर्वाचित सचिव वंशिका सिंह कोषाध्यक्ष ज्ञानेश्वरी गुप्ता व  नवगठित पदाधिकारियों को   शपथ दिलायी। इससे पूर्व मुख्य अतिथि खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव व विशिष्ट अतिथि मंडलाध्यक्ष गौरव सेठ ने दीप प्रज्ववलित कर समारोह का शुभारंभ किया। मंत्री गिरीश चंद्र यादव द्वारा अपने संबोधन में नशा उन्मूलन व स्वच्छता अभियान पर संस्था के कार्यों की सराहना की व संस्था प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के नारे को चरितार्थ कर रही जों समाजसेवा कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही व जागरूकता का कार्य कर रही मंत्री गिरीश चंद्र द्वारा आश्वस्त किया गया समय समय संस्था द्वारा जों भी जनसरोकार से जुडा कार्य होगा उसमें शासन प्रशासन की ओर से जों भी सहयोग होगा उसे व पूरा कराने का प्रयास करेंगे। विशिष्ट अतिथि गौरव सेठ  मंडलाध्यक्ष जोन तीन...

बुजुर्गों की नम आँखें बनी संवेदनाओं के आदान–प्रदान का जीवंत दृश्य

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  जौनपुर । विगत दिनों एस एस पब्लिक स्कूल, सिद्दीकपुर, जौनपुर के माध्यम से जौनपुर स्थित वृद्धा आश्रम में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि कंबल विद्यालय के बच्चों के कर-कमलों से वृद्धजनों को प्रदान किए गए। बच्चों की मासूम मुस्कान और बुजुर्गों की नम आँखें इस बात की गवाह बनीं कि यह केवल कंबल वितरण नहीं, बल्कि संवेदनाओं का आदान–प्रदान था। विद्यालय के "निदेशक : श्री विश्वतोष नारायण सिंह" ने इस मानवीय व अनुसरणीय कार्य के बारे में स्वयं के शब्दों में क्या कहा आगे पढ़कर आप स्वयं जान सकते हैं। निदेशक श्री ने कहा... "यद्यपि यह कार्य मैं स्वयं भी जाकर कर सकता था, लेकिन मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब ऐसे कार्यों में बच्चों को सहभागी बनाया जाता है, तो उनके भीतर मानवीय मूल्यों का बीजारोपण होता है। मेरी मंशा यही थी कि बच्चे बुजुर्गों के प्रति सम्मान, करुणा और अपनापन महसूस करें और यह समझें कि समाज में हर बुजुर्ग हमारे स्नेह और सहयोग का अधिकारी है। यह उल्लेखनीय है कि यह पहला अवसर नहीं था। इसके पूर्व भी विद्यालय के बच्चों द्वारा वृद्धा आश्रम में र...

जानिए पतंगबाजी पर बैन की जरूरत.....को लेकर क्या कहा एस. एस. पब्लिक स्कूल के निदेशक विश्वतोष नारायण सिंह ने

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यद्यपि NGT के आदेशानुसार चायनीज मांझे की खरीद फरोख्त व भंडारण पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद चोरी छिपे चल रही खरीद फरोख्त दर्दनाक घटनाओं का सबब बन रही है। अतः शासन प्रशासन से अनुरोध है कि पतंगबाजी को ही प्रतिबंधित करने पर विचार करें। न रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी। पतंगबाजी पर अंकुश जितनी जल्दी हो सके लगना चाहिए कब तक यूँ ही गर्दनें कटती रहेंगी? इधर कुछ वर्षों से चाइनीज़ मांझे का प्रचलन बेहिसाब बढ़ गया है। रंगीन, चमकीला और सस्ता .....लेकिन इसकी धार लोगों की गर्दन पर चलती है। हर साल हज़ारों घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें सड़क पर चलते लोग अचानक इस खतरनाक मांझे की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो जाते हैं। कई तो अपनी जान तक गंवा बैठते हैं। जौनपुर। हालिया घटना जौनपुर की है। शास्त्रीपुल(नया पुल) जौनपुर, उत्तर प्रदेश , पर एक पिता अपने बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रहे थे। गोमती पुल से गुजरते समय उनकी गर्दन चाइनीज़ मांझे में फंस गई। चोट इतनी गहरी थी कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।  घर लौटा तो सिर्फ़ दुःख, पिता नहीं। सोचिए… एक मनोरंजन किसी का जीवन छीन ले.....क्या यह स्वीकार्य है? पतंग उड़ाने के ...

"एक खतरनाक साजिश की सच्चाई ::

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  "संयुक्त परिवार बनाम आधुनिक बाजार"                      प्रो.(कैप्टन) अखिलेश्वर शुक्ला!               भारतीय सामाजिक संयुक्त परिवार को खंड खंड करके एक समृद्ध बाजार विकसित करने का जो सुनियोजित कुचक्र चल रहा है। फल फूल और विकसित हो रहा है। इतना कुछ विदेशी आक्रमणकारीयों और लुटेरों ने भी नहीं किया जो आधुनिक काल में दिख रहा है ।                           भारतीय संयुक्त परिवार :-                    भारतीय संयुक्त परिवार में तीन- तीन पीढियां , पांच -पांच भाईयों का परिवार- एक आंगन, एक छत , एक चुल्हा, एक नल, एक रसोई घर , एक बैठका , एक  गौशाला , एक कार/,स्कुटर/सायकिल/आदि के साथ , बच्चों में संस्कार , सामाजिक सुरक्षा , पर्व त्योहार में उत्साह ,खर्च में सामुहिकता, बुजुर्गो की सेवा- सम्मान सहित हर्षोल्लास का माहौल रहता था।        आधुनिक बाजार :-  ...

धूम-धाम से मनाया गया बाल दिवस मेला

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एस एस पब्लिक स्कूल सिद्दीकपुर, जौनपुर में धूम-धाम से मनाया गया बाल दिवस मेला एस एस पब्लिक स्कूल सिद्दीकपुर, जौनपुर  में  पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्म दिन के उपलक्ष्य में बाल मेला का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के निदेशक विश्वतोष नारायण सिंह, डाॅ0 नम्रता सिंह, शिक्षा निदेशक आलोक यादव और प्रधानाचार्या सीमा सिंह के करकमलों द्वारा फीता काटकर, बाबू जी और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया जिसमें छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस बाल मेला में विविध प्रकार के लजीज व्यंजनों का स्टाॅल लगा हुआ था , जिसमें - वड़ा पाव, स्वीट कार्न, इडली-सांभर, क्रीमरोल, मोमोज, गुलाब जामुन,  बड़ा पाव, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स, आदि तथा मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया था जिसमें रिंग गेम, बर्निंग कैंडल, स्ट्रोकिंग, सब खेलों सब जीतो, हाउजी गेम, हिटिंग बाॅल द ग्लास आदि और म्यूजिक ऑन डिमाण्ड का आयोजन किया गया था।  छात्रों ने इस बाल मेले का आनन्द लिया तथा खेल जीतने पर पुरस्कार भी प्राप्त किया । इस अवसर पर प्रबन्धक विश्वतोष नारायण ने क...

किस प्रकार की है ये कवायद रुपये के मूल्य को बढ़ाए जाने की , कितना कारगर होगा ये कदम

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  सितंबर माह में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में रुपये की स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने क्लियरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCIL) से रुपये के व्यापार और निपटान के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने को कहा है, जिससे रुपये की अहमियत बढ़ सके और डॉलर की निर्भरता कम हो। *डी-डॉलराइजेशन की प्रक्रिया* इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर की जगह रुपये को मजबूत करना है। इससे भारत की स्ट्रैटिजिक ऑटोनमी को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक बाजार में रुपये की धमक बढ़ेगी। RBI गवर्नर के इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप परेशान हो सकते हैं, क्योंकि यह उनके हितों के विपरीत है। *रुपये की अंतरराष्ट्रीयकरण* RBI गवर्नर ने CCIL से फॉरेक्स रिटेल और सरकारी प्रतिभूतियों के मोर्चे पर खुदरा निवेशकों पर केंद्रित अपने ऑफर्स बढ़ाने को भी कहा है। इससे ग्राहकों को सहज अनुभव और मजबूत प्रणाली क्षमताएं सुनिश्चित होंगी। *क्या है इसका मतलब?* इस पहल से भारत को कई लाभ हो सकते हैं: - अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुपये की अहमियत बढ़ेगी ...

बिहार चुनाव 2025

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  "राजनीति के शिकारी= जाति×धर्म पर भारी"- प्रोफेसर (डॉ) अखिलेश्वर शुक्ला!                भारतीय राजनीति में राजनीतिक घराने जिस दाव-पेच का सहारा लेते हैं, वह अब धीरे धीरे आमजन के समझ में आने लगा है। बिहार वह ऐतिहासिक प्रदेश है - जहां चाणक्य, चन्द्रगुप्त, महात्मा बुद्ध से लेकर नालन्दा, तक्षशिला सहित गांधी के चम्पारण सत्याग्रह, जयप्रकाश के सम्पूर्ण क्रान्ति आंदोलन आदि को लेकर जाना जाता है।                  बिहार विभाजन के पश्चात खनिज, उद्योग का बडा भाग झारखंड के हिस्से में चला गया। बिहार के पास खेती बारी के साथ साथ ऐसे राजनीति के धुरंधर घराने/ मजे हुए खिलाड़ी बचे रहे- जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार के बजाय दल-कुर्सी , राजनीतिक व्यापार से ज्यादा लगाव/जुड़ाव रहा है।            ‌    बिहार चुनाव में जातिगत एवं धार्मिक समीकरण राजनीति के धुरंधरों के सर माथे चढ़ कर बोल रहा है। भारतीय ब्यवस्था में जातिगत ब्यवस्था के पोषक सभी राजनीतिक दल एवं नेता हैं। यदि क...